गुरुवार, 8 सितंबर 2011

रिश्ता


फिज़ा वो
बदरा मैं
बरसा मैं
महका वो

चिराग वो
रोशनी मैं
बिखरा मैं
निखरा वो

ज़मीं मैं
फ़लक वो
उतरा वो
भीगा मैं

गरजा वो
गुज़रा मैं
गुज़रा मैं
बिखरा(तड़पा ) वो .........

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